किसी लड़की के ब्रेस्ट को पकड़ना उसके पजामे का नाड़ा तोड़ना रेप के दायरे में नहीं आता है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले पर देश की उच्च न्यायालय ने आज कड़ी फटकार लगाई है। साथ ही इस फैसले को खारिज करते हुए इसे कोर्ट की असंवेदनशीलता करार किया है ।
कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है। आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो।
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