भीड़ के बीच जब निकलो तब मालूम चलता है कि असल में हमारी पहचान क्या है।
आम आदमी होना आसान नहीं। जो संघर्ष हर पल करता है जिसकी ताकत क्या है उसका वो कम ही ध्यान रख पाता है कमजोरी से वो आगे कहां निकल पाता है।
किताब का ज्ञान वही धरा रहा जाता है जब जिंदगी पढ़ाना शुरू करती है।
आगे बढ़ेगें तो जरूरी नहीं कि हम गिरेंगे नहीं पर हमें कैसे संभालना है ये केवल हम पर निर्भर करता है।
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