life thoughts in hindi

औसत का सौंदर्य- आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां हर कोई नंबर वन होना चाहत है..लाइट , कैमरा एक्शन की होड़  में वो समय से आगे निकलना चाहता है..ऐसे में औसत का सौंदर्य हम सब को एक पल ठहरने की वजह देता है..हमें एक आम जिंदगी जीने की वजह देता है..जहां हम खुलकर जी सकते है...प्रृकति को निहार सकते है..एक आम मनुष्य के रूप में वो सब पा सकते है..जो हमारा हक है...जो हमें मशीन की वजाए इंसान बनने की ओर ले जाता है..जो हमें बताता है कि हम मशीन नहीं है...हम इंसान है..हम दुनिया को जीना चाहते है...जो हमें बेवजह के तनाव से मुक्ति दिलाता है...ये बात गौर करने वाली है कि आज देश में बढ़ रहे आत्महत्या का एक कारण औसत से ज्यादा पाने की होड़ भी है..जिसके लिए लोग अपना सुख चैन सब खो रहे है..जो उन्हें तनाव की ओर ले जा रहा है...



Comments