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Delhi CM Rekha Gupta




कहते है राजनीति में अपार संभावना है..जो कब किस को राजा कब किस को रंक बना दे..किसी को नहीं पता है...शायद यहीं कारण है..जब देश की धड़कन दिल्ली में एक महिला सीएम के नाम की घोषणा होती है..बतौर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सीएम पद की शपथ लेती है..तब देश की राजनीति को एक अलग दिशा मिलती है...जब 'सबका साथ सबका विकास' का नारा देने वाली पार्टी  का नेतृत्व एक महिला करती है..

भाजपा ने दिल्ली में सूखा खत्म कर पूरे 26 साल बाद कमान संभाली है..तब उसने एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाली रेखा गुप्ता को दिल्ली की कमान सौंप दी है..जहां बड़े बड़े नेता सीएम की रेस में थे...तब रेखा ने लक्ष्मण रेखा पार कर अपनी साफ छवि के चलते देश की राजधानी दिल्ली में सीएम की कमान संभाली है..जो दिल्ली की 9 वीं मुख्यमंत्री जबकि 4 महिला मुख्यमंत्री बनी है...

जिसको लेकर पूरे देश की राजनीति में भाजपा ने ये संदेश दे दिया है..कि वो केवल चुनाव जीतना ही नहीं बल्कि वक्त आने पर अपने विपक्षियों को जवाब देना भी जानती है...जिसने अब तक जिन जिन राज्यों में सरकार बनाई... 
वहां कहीं भी महिला मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं की.. ये तो वक्त ही बताएगा कि रेखा किस तरह से पार्टी की बागडोर को  संभालेगी.. किन किन मुद्दों पर पार्टी का नेतृत्व करेगी ..जिनके सामने प्रदूषण, यमुना का पानी जैसी अनेक समस्या है..जिनका जवाब केवल उनको खोजना है...इस सब के बावजूद ये कहना गलत न होगा...कि राजनीति में भी महिलाओं को नेतृत्व करने का मौका दिया जा रहा है..

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..