today thought of the day in hindi

कड़वा पर सच है जितना किताबें हमें नहीं सीखा पाती। उससे कहीं ज्यादा हमें अनुभव सीखा जाते हैं। 
हर किसी को इस दुनिया में तब ही लगता है कि वो अपने जिंदगी में बहुत संघर्ष कर रहा है जब तक वो किसी संघर्ष शील इंसान को नहीं देखता है। 
हर किसी का जीवन एक खुली किताब है जिसे हर कोई जानना तो चाहता है पर उसे पढ़ना हर किसी के वश में नहीं। 
स्त्री को सब बता गये किसी सीमाएं कहां है कोई ये न बता सका उसके जीवन में संभावना कितनी है जिससे वो अपना जीवन बेहतर बना ले। 

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