दुनिया के समझदार जब घर से बाहर निकलते हैं। तब अपनी उस गलतफहमी को दूर करते हैं जिसमें वो खुद को समझदार मान बैठे होते हैं।
कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है। आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो।
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