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You learn from 2024: 2024 से सीख लेना तुम


 हर साल की तरह 2024 भी निकल गया..जिस साल से तुमने बहुत कुछ पाया..तो बहुत कुछ ऐसा भी खोया..जो अविश्वसनीय था..जिसे तुम हर हाल में रोकना चाहते थे..पर अफसोस तुम उसे रोक न पाये...जिसे तुम्हें न चाहते हुये स्वीकार करना पड़ा...

 

'जो तुम्हें सीख गया..हर परिवर्तन संघर्ष की मांग करता है...जो तुम्हें बता गया..कि तुम कितने कम हो..जो तुम्हारे अंदर की सम्भावनाओं से तुम्हें परिचित कर गया..जिसने तुम्हें जीने का जरिया सिखाया...जिसने तुम्हारी हर गलतफहमी को दूर किया...'

 

तो चलिये कुछ ऐसी ही चीजों को हम एक बार फिर याद करते है...जो हमें आने वाले वक्त के लिए बेहतर बना सकती है...जो हमें दुनिया के बीच मजबूती से खड़ा कर सकती है...


2024 जो जहां रहा है उसे कुछ सीख लेना तुम


1.भावनाओं से जितना हो उतना बचना

भावनाएं इंसान को इंसान बनाती है..ये बात सच है..लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं ..कि वो इंसान भावनाओं के आगे गलत सही में अंतर न कर पाये...उसे जीवन के हर मोड़ पर अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना सीखना होगा...जिससे वो बेहतर बन सके..जो उसे भावनाओं के चलते कमजोर न करे दे...

2. अपनी गलतियों को स्वीकार करना

आज समस्या ये नहीं..कि हमें बहुत ज्ञान है...समस्या ये है कि हम अपनी गलती स्वीकार नहीं कर पा रहे है...हम खुद को सर्वज्ञाता समझने के चक्कर में अपनी गलतियों को सुधारने की वजाये उसे बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे है..जो जाने अनजाने में हमारी ही कमजोरी बन रहा है...जो हमें कुछ नया सीखने से रोक रहा है... इसलिये हमें अपनी गलतियों को स्वीकार करना होगा...

3. अपने गुस्से पर हर हाल में काबू पाना

गुस्सा हर इंसान को आता है..पर वो उस पर कैसे काबू रखता है..ये मायने रखता है..कई बार हमारे न चाहते हुये भी हम गुस्से में बहुत कुछ ऐसा कर देते है..जो हमारे लिए आगे चलकर मुश्किल खड़ा कर देता है..जिस पर हम नियंत्रण करके न सिर्फ अपना बल्कि अपनों का भी ख्याल रख सकते है...






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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..