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money poem in hindi: पैसा क्या चीज है ये जब समझ आया

पैसा क्या चीज है ये जब समझ आया
जब कमाने इंसान सड़क पर आया
जहां पैसा ही सबकुछ है ये उसे दुनिया ने सिखाया
जो अब तक था पैसे को न समझने वाला
उसे पैसा क्या चीज है ये दुनिया ने समझाया
जहां कौड़ी कौड़ी का हिसाब रखना था उसे
एक एक पैसे के लिए हर वक़्त मेहनत करना था उसे
चाहे मन हो या न हो
संघर्ष करना ही था उसे
जैसे अब समझ आया उसे
 पैसे जो अपनों के हाथ का कम ही लगता था
पर आज जब वो कमाने दुनिया के बीच निकला
तब उसे उस पैसे का असली मतलब समझ आया। 
जब एक एक रूपये का होता हिसाब बिना पैसे न होता किसी चीज का मोलभाव। 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..