एक तरफ देश भर में छठ मनायी जा रही है। दूसरी तरफ लोक गायिका शारदा सिन्हा ने अंतिम सास ली है। जिनको याद करना जरूरी है। उस समय जब लोकगीत के नाम पर अश्लीलता फैलायी जा रही है ऐसे समय में सादगी से अपने गीत को पेश करने की कला का परिचय शारदा सिन्हा के लोक गीत देते हैं। जो आज भले हमारे बीच में नहीं है। पर उनके गीत सदा हमारे बीच में रहेगें।
Comments