life poetry in hindi

ये साल बीतते बीतते कुछ याद सा रखना
दूसरों को पाने की जिद्द में खुद न खो जाना
ये साल बीतते बीतते कुछ कम सा न हो जाना
होगी चिंता कल की
कल और कल
पर इस कल के चक्कर
आज को न भूल जाना
 अहिस्ता अहिस्ता खुद को बेहतर कर जाना। 

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