life poetry in hindi on November 30, 2024 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps ये साल बीतते बीतते कुछ याद सा रखनादूसरों को पाने की जिद्द में खुद न खो जानाये साल बीतते बीतते कुछ कम सा न हो जानाहोगी चिंता कल कीकल और कलपर इस कल के चक्करआज को न भूल जाना अहिस्ता अहिस्ता खुद को बेहतर कर जाना। Comments
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