हम सब में अपने काम को लेकर एक पागलपन हैं। जो पागलपन हमें अपने काम के प्रति जुनूनी बनाता है।
जिस तरह हम लेट होते वक्त इतनी तेजी से आती हुए बस पकड़ते है उस तरह अगर हम जिंदगी में काम करने लगे तो दुनिया की कोई ताकत हमें हारा नहीं सकती है।
मजबूरियां इंसान को अक्सर बहुत कुछ सहने को मजबूर करती है।
सुख इंसान को कमजोर दुख इंसान को मजबूत बनाता है।
खामोशियां अक्सर वो सब कुछ कह देती है जो लफ्ज़ नहीं कह पाते हैं।
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