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Doordarahan: दूरदर्शन जिसे भूलाया नहीं जा सकता


"Old is Gold" दूरदर्शन‌ पर बिल्कुल सटीक बैठता है । जिसके साथ हमने अपने बचपन को जिया है। जिसके साथ हम बड़े हुए हैं। जो हमारे साथ साथ चला है । 
आज भले अनगिनत चैनल आ गये हो। लेकिन दूरदर्शन‌ का कोई मुकाबला नहीं कर पाया है। जिसने अपने कार्यक्रम के जरिये हमें एक बेहतर इंसान बनना सिखाया है। 
जहां महाभारत ने हमें गीता का मर्म बताया है। तो वही हम लोग ने समाज से जुड़े मुद्दे पर बेबाक अपना विचार रखा है।
जिसका हर एक कार्यक्रम अपने आप में एक साहित्य रहा है। जिसकी जगह न आज कोई ले पाया न कल कोई ले पाएगा। 
जिसके पारिवारिक कार्यक्रमों ने परिवार को साथ लेना का काम किया है। एक छत्त के नीचे सबको साथ लाने का काम किया है। 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..