सिर्फ अफसोस करने से कम नहीं होगें अत्याचार


अभी हाल ही में भोपाल में हुए 5 साल की लड़की से रेप और उसकी हत्या का मामला भले हमें एक पल के लिए अफसोस करने को मजबूर करें। 
किन्तु हर बार की तरह हम इसे भी भूल ही जाने वाले है। इस सब के बावजूद ये सवाल करना आज जरूरी हो गया है कि आखिर कब इन अपराधों पर लगाम लगेगी। कब लड़कियां चैन की सांस लेगी। 
ये सब तब सम्भव होगा। जब हम कुछ प्रतिशत अपने लड़कों को भी पढ़ाएंगे।
उन्हें ये समझाएगें कि लड़कियां कोई चीज नही है। वो‌ भी इंसान है। जो उनकी तरह जिंदगी को जीना जानती है। जो एक देह मात्र नहीं है। 

 

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