सिर्फ दोष लड़कों को देने से क्या होगा
जब हर गली हर शहर में मोहोल
लड़की के विरुद्ध खड़ा होगा
जहां चमकदार दिखती दिवार पर
विज्ञापन करता चित्र एक आकर्षक महिला का होगा
जिसे प्रस्तुत किसी को अच्छा लगने के लिए किया होगा
मत भूलना उस आईटम सॉग को
जहां शीला की जवानी , मुन्नी की बदनामी पर ठुमकती लड़की के बीच
अश्लीलता का खुला बाजार होगा
मत भूल न उन फिल्मों को जहां
लड़की की इज्जत लूटने का दृश्य हर कोई देखा रहा होगा
दोष सिर्फ एक नहीं
इस शर्मनाक घटना में उसे शामिल हर वो शख्स की है
जो हर उस चीज को बढ़ावा देता आया
जिसमें अश्लीलता का होता व्यापार
बाजार में उसकी बिकती इज्जत होगी।
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