Vinesh Phogat: विनेश फोगाट आज हार गयी उस सिस्टम से भी



खिलाड़ी चाहे किसी देश का हो। वो खिलाड़ी ही होता है। जो देश के लिए जब खेलने निकलता है। तब उसका तन मन देश को जीतने में लगा रहता है। 
जो अनेक तरह के उतार चढ़ाव के बावजूद खेलना नहीं भूलता है। वो लगातार खेलता है। जिसमें वो खेल के हार जीत के बावजूद जीतने की ओर बढ़ता है। 
पर अफ़सोस‌ वो उस सिस्टम से क ई बार हार जाता है। जहां वो पाल बढ़ा। जहां उसने खुद को बनाया। 
ताजा मामला भारतीय रेसलर विनेश फोगाट का है। जिन्हें आज पेरिस ओलंपिक में मात्र 100 किग्रा वेट ज्यादा होने के चलते अयोग्य घोषित कर दिया। जो भारत के लिए एक बुरे सपने सा है। 
इस सब के बावजूद जब देश को उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करनी चाहिए। तब देश की ससंद में इस बात की चर्चा हुई कि उन पर कितना खर्च किया गया। इससे ज्यादा शर्मनाक और भला क्या हो सकता है। जब पर खर्च की तो बात की गयी किन्तु उनके साथ देश में हुए अन्याय पर चुप्पी साधी रही। जो देश के उस सिस्टम से हार गयी जिस सिस्टम पर उन्हें सबसे ज्यादा भरोसा था। 
आज केवल उनकी ही नहीं बल्कि उस सिस्टम की भी हार हुई है जिसने उन्हें सपोर्ट करने की जगह सिर्फ प्रश्न चिन्ह उठाया। 

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