Today Thought: जब तक कुछ ज्यादा नहीं बदलेगा


जब तक कुछ ज्यादा नहीं बदलेगा
जब तक लड़कियों को देखने का नजरिया वही पिछड़ा सा रहेगा
जहां लड़की का चरित्र उसके कपड़ों
चाल से ही उसकी परिभाषा ये पुरूष प्रधान समाज तय करेगा.
जहां गलती का पूरा जिम्मा उस लड़की पर ही होगा
समाज को दोगलापन यू ही चलता रहेगा
जब तक उसके दृष्टिकोण को बदलने के लिए कोई मजबूत कंधा न रहेगा। 
कहना आसान पर करना वाकई मुश्किल है
जहां‌ देवी को पूजते
दूसरी और कमजोर समझ 
उसे हर वक़्त लड़की है उसकी कमजोरी बताते हैं
जहां सोच खुद की खराब
घटिया उस लड़की को कहते हैं.
जब तक कुछ नहीं बदलेगा
जब तक सोच हमारी छोटी
सिर्फ एक पक्ष को गलियां देगी
जहां सवाल सिर्फ एक तरफ ही होगा। 
हाथ में कैडेल  लेकर‌ कैडेल मार्च निकालने से नहीं
बल्कि हर उस चीज को बहिष्कार करना होगा 
जहां वो लड़की सिर्फ किसी को रिझाने के लिए दिखाई गयी हो
जहां उसकी सुंदर ही बतायी गयी हो
जहां वो एक वस्तु समझी जा रही हो। 

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