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Today Thought: जब तक कुछ ज्यादा नहीं बदलेगा


जब तक कुछ ज्यादा नहीं बदलेगा
जब तक लड़कियों को देखने का नजरिया वही पिछड़ा सा रहेगा
जहां लड़की का चरित्र उसके कपड़ों
चाल से ही उसकी परिभाषा ये पुरूष प्रधान समाज तय करेगा.
जहां गलती का पूरा जिम्मा उस लड़की पर ही होगा
समाज को दोगलापन यू ही चलता रहेगा
जब तक उसके दृष्टिकोण को बदलने के लिए कोई मजबूत कंधा न रहेगा। 
कहना आसान पर करना वाकई मुश्किल है
जहां‌ देवी को पूजते
दूसरी और कमजोर समझ 
उसे हर वक़्त लड़की है उसकी कमजोरी बताते हैं
जहां सोच खुद की खराब
घटिया उस लड़की को कहते हैं.
जब तक कुछ नहीं बदलेगा
जब तक सोच हमारी छोटी
सिर्फ एक पक्ष को गलियां देगी
जहां सवाल सिर्फ एक तरफ ही होगा। 
हाथ में कैडेल  लेकर‌ कैडेल मार्च निकालने से नहीं
बल्कि हर उस चीज को बहिष्कार करना होगा 
जहां वो लड़की सिर्फ किसी को रिझाने के लिए दिखाई गयी हो
जहां उसकी सुंदर ही बतायी गयी हो
जहां वो एक वस्तु समझी जा रही हो। 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..