janmashtami 2024: कृष्ण हम सीखते हैं




कृष्ण हम सीखते हैं
जब अन्यायी हो रही विजयी
तब न्यायी को छल का सहारा लेना पड़ता है
जब लुट रही हो सभागार में द्रोपदी की लाज तब उसकी लज्जा बचना पड़ता है
दोषियों को गलती एक समय के बाद अक्षमीय ही जाएं
तब अपने हो भले
उनपर न्याय का चक्र चलना पड़ता है। 

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