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Sawan Somwar: कौन बने इस युग का शंकर






"कौन बने इस युग का शंकर 
जो गरल हंसकर पी जाएं
जटाएं खोल युग की गंगा को धारण कर ले। "

आज से सावन सोमवार शुरू हो गया है जिसका अपना धार्मिक और सामाजिक महत्व है जो शिव का प्रिय माह माना जाता है। इसके अलावा सावन सोमवार को लेकर ये भी मान्यता है कि भगवान शिव ने समुद्र मंथन के दौरान सृष्टि की रक्षा के लिए विष का पान कर लिया था जिससे उन्हें काफी कष्ट हुआ था। 
तब उस समय सावन का समय चल रहा था। 
इस तथ्य पर अगर गौर किया जाए तो शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए विष का पान किया। 
अपार कष्ट को सहा। पर आज के समय के समय में शिव का होना लगभग मुश्किल सा है जहां हर कोई खुद को सुकून देने के लिए विष उगल रहा है। जहां अमृ
त का पान तो कर रहा है पर उसके मध्य में गिरने वाले विष से दूर भाग रहा है जो कहीं न कही अराजकता का माहौल पैदा कर रहा है। जहां केवल अपने हित के लिए वो अनगिनत विष की नदियां बह रहा है। 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..