Skip to main content

Life Update : सबकुछ ठीक है ये कहने के लिए जिगर चाहिए साहब



समय के साथ इंसान की जिंदगी के उतार चढ़ाव भले न बदले। किन्तु उसका कहने का लाहजा पूरी तरह से बदल जाता है। जहां वो शिकायत करना छोड़ अपनी बात रखना सीख जाता है। 
जहां उसके सबकुछ ठीक है कहने के पीछे जिंदगी का गहरा दर्द छिपा हुआ होता है। जिसे कहने के लिए बहुत ही हिम्मत चाहिए होती है। 
जहां जिंदगी चाहे कितनी बिखरी हो पर दूसरों की जिंदगी को जोड़ने की कोशिश जैसे उसकी हर पल जारी होती है‌। 

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..