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Life Experience: तब वो बोलने लगती है



"तेज आवाज में जरूरी नहीं हर इंसान बात करने का शौकीन ही हो
अक्सर परिस्थितियां उसे
बोलने को मजबूर कर देती है"

 वो शांत रहने वाली लड़की ,सबकुछ सुन लेने वाली लड़की तब बोलने पर मजबूर हो जाती है। जब उसकी सुनने की हद पार हो जाती है। वो तब कहने लगती है जब उसे ही गलत करार कर दिया जाता है। एक लड़की जब घर से बाहर कमाने निकलती है तब वो अनेक तरह की परेशानी का सामना कर आगे बढ़ती है‌। 
जहां घर से लेकर बाहर तक उसकी जिम्मेदारी बढ़ी होती है उसके बावजूद जब वो आगे चलती है तब वो बोलने लगती है जब किसी चीज की अति हो जाती है । 


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..