जब आमदनी कम
खर्च ज्यादा बढ़ जाता है
दाम भले वहीं रहे पर सामान का कद घट जाता है ∣
रोटी, कपड़ा, मकान जैसी मूलभूत चीज इंसान ले नहीं पाता है।
जहां व्यक्ति दो पैसे खर्च करने में भी दस बार सोचे
जहां उसे कुछ समझ नहीं आता है
मंहगाई क्या है ये इंसान असल में तब समझ पाता है
जब पैसा आने में वक्त
सैलरी खत्म होने में देर न लगे
तब जैसे मंहगाई का असल मतलब समझ आता है ∣

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