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Who Causes More Car Accidents, Male or Female Drivers? भाई लड़की है गाड़ी जरा सम्भल कर चलाना



कहीं कोई एक्सीडेंट हो जाएं। तब पूरी कहानी समझें बिना सबसे पहले जो बात निकल कर आती है। वो यहीं कि अरे जरूर गाड़ी लड़की चला रही होगी। उसने ही गलती की होगी। अरे उन्हें गाड़ी चलना आता भी है। इस बीच शुरु होता है सबसे सस्ता जोक जो लड़कियों पर मारना जैसे उनकी  तुच्छ मानसिकता दर्शाता है। कि अरे जरूर कोई पापा की परी रही होगी। 

इन सब बकवास बातों के बावजूद ये रिपोर्ट हम सब की आँखें खोलती है जिसमें ये साफ बताया गया है महिलाएं पुरूषों के मुकाबले अच्छी ड्राइविंग करती है।

जहां पर फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों में किए गए अध्ययन में ये बात सामने आयी है कि किसी भी एक्सीडेंट के लिए जिम्मेदार ज्यादात्तर पुरूष ड्राइवर ही होते है। उनके मुकाबले महिलाओं की हिस्सेदारी काफी ज्यादा कम होती है। 

ये कहती है रिपोर्ट

आपको बता दें कि फ्रांस की सड़क सुरक्षा जागरूकता संगठन 'विक्टिम एंड सिटॉयन्स' के मुताबिक, फ्रांस के 84 प्रतिशत गंभीर दुर्घटना के जिम्मेदार पुरूष होते है। अमेरिका ब्रिटेन की स्थिति भी कुछ इस तरह की ही है।  जहां 2021 में अमेरिका में हुए अध्ययन में ये बात निकलकर सामने आयी है कि किसी गंभीर दुर्घटना के जिम्मेदार 72 प्रतिशत पुरूष ही होते है।

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..