Swati Maliwal: किसी ने बिल्कुल ठीक है। कि अक्सर जो इंसान दूसरों की आवाज बन न्याय मांगने की कोशिश करता है। वहीं एक समय के बाद ऐसे फंसता है। कि खुद ही न्याय की कगार पर खड़ा हो जाता है।
इससे ज्यादा शर्मनाक और क्या हो सकता है, जब देश की राजधानी दिल्ली में राज्यसभा की संसद, आम आदमी पार्टी की सदस्य स्वाति मालीवाल के साथ मुख्यमंत्री आवास में उनकी ही पार्टी के सदस्य बिभव कुमार द्वारा मारपीट करने का मामला सामने आया है।
जहां दूसरों को न्याय देने वाली महिला आयोग की पूर्व सदस्य मालीवाल को खुद हिंसा का सामना करना पड़ा है।
ऐसा में ये सवाल उठाना वाजिब सा है क्या सच में देश में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचारों को लेकर देश की न्याय व्यवस्था गंभीर नहीं है? जहां आएं दिन महिलाओंं के साथ गंभीर मामले सामने आते रहते है।
जहां वो कहीं भी सुरक्षित नजर नहीं आती है। एक ऐसा ही मामला देश की राजधानी में देखने को मिला है। ऐसे में ये देखना बड़ा दिलचस्प होने वाला है खुद को महिला का रक्षक बताने वाली 'आम आदमी पार्टी' खुद अपनी पार्टी की सदस्य को न्याय दिला पाती है कि नहीं। अरविंद केजरीवाल की चाणक्य नीति इस मामले पर क्या कदम उठाती है।
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