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Swati Maliwal ‘assault’: जब न्याय देने वाले के साथ ही, अन्याय हो जाएं

 


Swati Maliwal:  किसी ने बिल्कुल ठीक है। कि अक्सर जो इंसान दूसरों की आवाज बन न्याय मांगने की कोशिश करता है। वहीं एक समय के बाद ऐसे फंसता है। कि खुद ही न्याय की कगार पर खड़ा हो जाता है। 

इससे ज्यादा शर्मनाक और क्या हो सकता है, जब देश की राजधानी दिल्ली में राज्यसभा की संसद, आम आदमी पार्टी की सदस्य स्वाति मालीवाल के साथ मुख्यमंत्री आवास में उनकी ही पार्टी के सदस्य बिभव कुमार द्वारा मारपीट करने का मामला सामने आया है। 

जहां दूसरों को न्याय देने वाली महिला आयोग की पूर्व सदस्य मालीवाल को खुद हिंसा का सामना करना पड़ा है। 

ऐसा में ये सवाल उठाना वाजिब सा है क्या सच में देश में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचारों को लेकर देश की न्याय व्यवस्था गंभीर नहीं है? जहां आएं दिन महिलाओंं के साथ गंभीर मामले सामने आते रहते है।

जहां वो कहीं भी सुरक्षित नजर नहीं आती है। एक ऐसा ही मामला देश की राजधानी में देखने को मिला है। ऐसे में ये देखना बड़ा दिलचस्प होने वाला है खुद को महिला का रक्षक बताने वाली 'आम आदमी पार्टी' खुद अपनी पार्टी की सदस्य को न्याय दिला पाती है कि नहीं। अरविंद केजरीवाल की चाणक्य नीति इस मामले पर क्या कदम उठाती है।


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..