एक तरफ देश में गर्मी ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए है। जिसने जनता का हाल बेहाल कर दिया है। दूसरी तरफ लोकसभा चुनाव के बीच सियासत में सरगर्मियां बढ़ सी गयी है।
जहां 4 जून के परिणाम को लेकर राजनेता सोच में पड़ गए है।सबकी रातें अंतिम हर दिन, अब उनके लिए भारी से पड़ रहे है। साम, दाम और दड़, भेद से की जा रही राजनीति पार्टियों को कितनी सीट दिलाती है। जनता का भरोसा वो जीत भी पाती है या नहीं। ये देखना बड़ा दिलचस्प होने वाला है।
हालांकि सरकार किसी की भी आएं जनता के लिए मंहगाई कम होने वाली है। न ही रोजगार के घट रहे अवसर । उल्ट उसे तो अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है । जहां मूलभूत चीजों पर मिल रही सब्सिडी भी खत्म होने कगार पर है।
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