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Mother’s Day special: उस दिन जैसे मालूम चल मां क्या होती है




Mother's Day special: जिंदगी में यू तो सबको शिकायत होती है। किन्तु इस बीच अक्सर हमें उनकी कद्र नहीं होती है। जो हमारे करीब होते है। जिनका होना जैसे हमारे लिए किसी जन्नत से कम नहीं होता है। जो होते है तो हम होते है।

ऐसी ही एक कहानी रूनी की है। जिसे अपने जीवन में मां की अहमियत, उस वक्त समझ आयी। जब जिंदगी जैसे उस से निराशा सी हो चुकी थी। जहां उसे एक के बाद एक सिर्फ झड़के से मिल रहे थे। इसके बाद उसे एक ऐसा झटका सा लगा, जिसने उसकी जिंदगी जैसे बदल रख दी। 

 उसकी वजह सिर्फ तुम हो मां https://poojabhopal.blogspot.com/2019/11/blog-post_15.html


आखिर क्या थी वो घटना

वो बात दरअसल ये है जब देश कोरोना की महामारी से निकल कुछ चैन की सांस ले रहा था। तब रूनी की जिंदगी में एक ऐसा तूफान सा आया, जिसने उसकी जिंदगी बदल कर रख दी। 

रूनी की मम्मी की तबीयत धीरे- धीरे खराब होने  लगी। उनका स्वास्थ्य लगातार गिरने लगा। डॉक्टर को दिखने के बाद भी उसमें कोई ज्यादा सुधार नहीं आया। एक महीने तक ऐसा ही चलता रहा। फिर इस बीच उसे मिला जीवन का सबसे बड़ा झटका।
जहां उसे ये मालूम चला। कि उसकी मम्मी के दिल में छेद है। जिसका इलाज न हुआ तो उनकी जान को खतरा हो सकता है। जिसका सिर्फ एक ही ऑप्शन है 'ऑपरेशन'। जिसे सुन एक पल के लिए तो जैसे रूनी के सामने सबकुछ धुंधला सा हो गया। जहां उसने जिंदगी में पहली बार जिंदगी और मौत के बीच खड़े इंसान के दुख को जाना। 

आगे क्या, इस सोच ने रूनी की मुश्किलें बढ़ा दी। हर दिन की तरह ऑपरेशन का दिन आया। जहां सबकी सांसे कुछ पल के लिए जैसे थम सी गयी। ऑपरेशन के बीच रूनी को मां और उसके रिश्ते की उन बारीकियों का पता चला। जिसे हर एक बच्चा अपनी मां से अक्सर छिपाकर रखता है। जिसे वो जानने की कोशिश ही नहीं करता है। वो ये अहसास ही नहीं ले पाता है कि उसके ऊपर वो ममता की छांव है। जो उसे दुनिया की हर परेशानी से बचा कर रखें है।

एक बेटी और मां का रिश्ता क्या होता है? उसे जैसे तब समझ आया। जहां  दुनिया में  चाहे कितने रिश्ते क्यों न हो,  किन्तु मां के बिना ये जीवन काटने को दौड़ता है। उसके बिना दुनिया की हर खुशी फीकी सी है।

कहानी आगे बढ़ी उसकी मम्मी का ऑपरेशन अच्छे से हुआ। कुछ दिन के बाद वो घर आ गयी। पर रूनी का जैसे जिंदगी को देखने का नजरिया बदल गया। जहां जिंदगी में वास्तविक मुश्किल का मतलब क्या है, दुख और दर्द के बीच इंसान  का होता क्या है रिश्तों की असल अहमियत क्या है? ये जैसे रूनी ने तब समझा। 


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..