Skip to main content

Depression: कैसे कह दू कि सब ठीक है





आसान नहीं है आज के समय में हर तरह की परेशानी के बीच खुश रहना। जहां हर एक मैसेज के साथ जिंदगी में चीजें बदल रही है। जहां सबकुछ मैटेंन करने के चक्कर में हम खुद को थोड़ा - थोड़ा खो सा रहे है। 

इसके बीच आती है ऑफिस से लेकर घर तक की हजार तरह की परेशानी जिसका सामना वॉर्किग लोग हर दिन करते है। इसके बावजूद मुस्कुराते निकलना और शाम को मुस्कुराते हुए आना। जैसे अब सच में हो गया मुश्किल है।

दुनिया जैसे बदल सी गयी है

जहां हमारे सोशल मीडिया पर चाहे लाख दोस्त हो। किन्तु असली में एक दो भी हो। ये आज मुश्किल है। जिंदगी की रेस में सिर्फ भाग रहा ये इंसान आज मानसिक रूप से थक रहा हर दिन है।

आसान नहीं आज का युवा होना


जो लोग कहते है न कि आजकल के बच्चों की जिंदगी में तो सबकुछ अच्छा ही अच्छा है। उन्हें कौन समझाएं, कि उनको आज मिल रहा हर जगह से सिर्फ स्ट्रेस है। घर से लेकर बाहर तक स्टेटस बनाये रखने की एक अजीब सी होड़ सी मची है।
देखने दिखाने के चक्कर में आज इंसान हो रहा अंदर से खाली है। आसान नहीं है फुल स्ट्रेंस के बीच भी काम करना। जहां मिलते हर दिन कई तरह के सिर्फ चैलेंज  है।

जिंदगी है आज हारे तो क्या

 हम इंसान है जो कई बार गलतियां कर सकते है। पर इसका मतलब ये नहीं कि हम हमेशा गलत ही होगें। अपने ऊपर अपना विश्वास बनायें रखना । ये दुनिया किसी की संगी नहीं है। फिर तुम्हारी क्या होगी। 
मालूम है आज सुकुन पाना सबसे मुश्किल है। फिर भी यहीं कहूंगी। जिंदगी एक ही मिलती है। किसी के कहने से नहीं अपने होने से चलती है। दुनिया चाहे लाख कहें पर तुम मुस्कुराना न छोड़ना। हालात चाहे जैसे रहे तुम जिंदगी से न मुंह मोड़ना। ये जिंदगी सिर्फ तुम्हारी नहीं तुम्हारे अपनों  की भी है। किसी और के लिए तुम जिंदगी से नाता न तोड़ना।

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..