छिंदवाड़ा में हुई घटना मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। जहां एक व्यक्ति अपने ही परिवार के लोगों का बेरहामी से एक एक कर कुल्हाड़ी से हत्या कर देता है। जिस बीच वो उन नन्हें मासूम को भी नहीं छोड़ता है। जो अच्छी तरह से ये भी नहीं जानते है कि उनका उस आरोपी से क्या सम्बन्ध है।
अफसोस आरोपी किसी को भी नहीं छोड़ता है। और अंत में खुद भी फांसी लगा आत्महत्या कर लेता है। ये घटना प्रदेश या देश में हुई कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ऐसी घटनाएँ घट चुकी है। पर सवाल ये उठता है कि क्या सच में आज अपराध की सीमाएँ पार हो गयी है।इंसान इंतना ज्यादा परेशान और मानसिक रोगी हो गया है कि वो अपनी ही दुनिया खत्म करने में लगा है। बेरहाल चाहे कारण कुछ भी हो किन्तु इतना तो निश्चित है कि आज हम जिस के लिए जानते थे वहीं सबसे ज्यादा हास हो रहा है। वो है शांति।
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