Skip to main content

Vote for: प्राथमिकताएं हमें तय करनी होगी




रोटी कपड़ा और मकान
इसके बीच चलता ये इंसान
जब नहीं  मिल पाती ये
मूलभूत चीजें तब
संघर्ष करने को मजबूर
हो जाता है ये इंसान।

Election2024: देश में जीडीपी (GDP) का प्रतिशत कितना चल रहा है। मंहगाई (Inflation) की दर कितनी है। विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserve) की स्थिति क्या है। देश के आम आदमी को इसे कोई मतलब नहीं है। उसे मतलब है अपनी थाली से। जिसमें दाल की कीमतें कितनी बढ़ी, गैस के दाम कितने बढ़े। उसकी जेब में पैसा कुछ बचा या खर्च हो गया। आम आदमी को मतलब है केवल उस से है ।


Loksabha Election 2024:  विश्व के सबसे बड़े लोकतंंत्रिक देश भारत में आज से लोकसभा के लिए चुनाव शुरू हो गए है। जो की कुल सात चरण में सम्पन्न कराएं जाने वाले है। ऐसे में देश की जनता किन विषयों पर अपना मत डालेगी। ये देखना बड़ा ही दिलचस्प सा होने वाला है। 

मुद्दे पर डाले जाएंगे वोट या

चुनाव वो समय होता है। जब किसी देश के लोकतंत्र की असली परीक्षा होती है। जहां पर जनता अपने मत का प्रयोग कर सरकार का चयन करती है। ऐसे में इस बार जनता किन मुद्दों पर अपना वोट देगी। ये देखना बड़ा दिलचस्प होने वाला है। वहां जनता धर्म के नाम पर अपना वोट दे अपनी औपचारिकता पूरी करेंगी। या मूल विषय पर अपना वोट देगी। ये तो समय के गर्भ में है।
किन्तु इस बीच हम सबको देश का वो दृश्य बिल्कुल नहीं भूलना चाहिए। जहां आमआदमी के हाथ आज खाली है। डिग्री कागज के अलावा कुछ भी नहीं है। ऐसे में वोट मूल विषय पर दिया जाना जरुरी है। अगर हम अपने भविष्य को लेकर थोड़ा भी गंभीर है। 

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..