हम सब की समाज में एक तरह की प्रतिष्ठा है। जो हमें समाज के बीच रहने में मदद करती है। जिसके जरिये हम समाज में सिर उठाकर चल पाते है। जो हमें आत्मविश्वास के साथ चलने में मदद करती है। जिसके च लते हम सब अपने जीवन गतिविधियोंं में एक तरह सतुंलन रखते है। ऐसे कोई अनैतिक काम करने से बचते है जो समाज में हमारी प्रतिष्ठा पर बुरा प्रभाव डाले।
लेकिन क्या हो जब हमारे इस मान सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश की जाएं?
इसी सम्मान को बनाये रखने का काम भारतीय न्याय संहिता की धारा 499 में मौजूद मानहानि' Defamation' करता है। जो व्यक्ति को उसकी गरिमा को बनाये रखने का अधिकार देता है।
जिसके तहत अगर कोई व्यक्ति किसी की लिखें या बोले या शब्दों के द्वारा उस के मान सम्मान पर प्रश्न चिन्ह लगाता है। जिससे समाज में उसकी ख्याति पर बुरा प्रभाव पड़ता है। तब वो मानहानि के दायरे में आता है।
उल्लंघन होने पर है सजा का प्रावधान
इसके उल्लंघन होने पर व्यक्ति कोर्ट में मानहानि की धारा 499 के तहत केस दर्ज करा सकता है। जिसमें आरोपी पाये गए व्यक्ति को मौद्रिक या मामला गंभीर होने पर अपराधिक सजा को भुगतान पड़ता है।
Defamation और Insult में है काफी अंतर
आज भी लोग Insult और Defamation को एक ही समझ लेते है। जबकि इसमें काफी अंतर है। Insult का मतलब जब हमारे मन को बहुत ठेस पहुंचती है। लेकिन इसके चलते हमारी समाज में बनी प्रतिष्ठा पर कोई असर नहीं होता है। जबकि मानहानि के चलते हमारी समाज में बनी बनाई ख्याति को नुकसान पहुंचता है।
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