Change your thinking the country will change : सोच बदलो देश बदलेगा




यूं तो हमें हर चीज नयी ही चाहिए। जहां Latest Version न तो हम नाक फुला लेते है। पर जब बात रुढ़िवादी सोच की आये. तब हम पुरानी परंपरा को ही सिर झुका लेते है। फिर चाहे वो कितनी भी गलत क्यों न हो। 

आइये पेश है... एक नजर उस सोच की... जो नये पैकेट में पुरानी सोच को रखें है 

जो बेटे के लिए लेटेस्ट वाली कार ,बहु के लिए घूंघट का रिवाज रखें है। जो बेटा, बेटी में कोई फर्क नहीं करती। पर बेटे की ही चाहत रखें है। जिसे बहु सर्वगुण सम्पन्न चाहिये। फिर भले बेटी उसके घर में आये ये उसे पसंद नहीं है। जो देवी के हर रुप को पूजे पर घर में होती, अपनी बहु की प्रताड़ना पर मौन है। 

 Modernation का जो दिखावा करें, उसे अपनी रुढ़िवादी सोच को दूर फेंकना होगा। जो उसे और समाज के पीढ़ी को कमजोर बना रही है। 

अगर इसके बावजूद वो तर्क करें, कि उसे पुरानी चीजों को हीं ढोना है। तो फिर उसे कोई हक नहीं, मंहगें मॉल में जा फैशन दिखाने का। ब्रांडेड कपड़े पहने इतराने का। Apple के फोन को हाथ में ले, मर्सिडीज चलने का।


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