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April Fools: खुद को बुद्धिमान समझें पर दूसरों को मूर्ख नहीं




1 April Fools: आज के समय की इसे विंडबना कहें या आधुनिकता का मतलब किन्तु सच्चाई यहीं है। कि आज हर इंसान चाहे वो बड़ा हो या छोटा, वो खुद को बुद्धिमान दूसरों को मूर्ख समझने की भूल कर बैठा है। जहां वो अपनी गलती मानेगा नहीं बल्कि किसी तरह तर्क करके सामने वाले को ही गलत साबित कर देगा। 

अति तो तब हो जाती है जब वो खुद को ही मूर्ख बनाने लगता है। 

अगर हम आज के दिन यानी कि 1अप्रैल 'April Fools' को देखें तो मालूम चलता है। पश्चिमी परंपरा के मुताबिक, इस दिन एक दूसरों को मूर्ख बनाने की कोशिश की जाती है। 
दुनिया भर में आज के दिन एक दूसरें से परिहास किया जाता है। जो अगर दोपहर के बाद किया जाता है। तब इसे 'अप्रैल फूल' कहा जाता है। जहां इस दिन सुबह के अखबारों से लेकर सोशल मीडिया की दुनिया तक जोक्स की काफी भरमार रहती है। जो लोगों को तनाव से दूर कुछ वक्त के लिए सुकून दे जाती है।

ये बात अलग है कि आज हम मूर्खों की उस दुनिया में रह रहे है। जहां देख दिखावें की आदत ने हम इंसान को इंसान कम बंदर ज्यादा बन दिया है। जो वो दूसरों की तरह दिखाने की चाहत में खुद को कहीं खो सा रहा है। 
जहां उसकी पूरी दुनिया खुद से शुरु होकर खुद पर ही खत्म हो जा रही है।
जहां आलोचना जैसी कोई बात ही नहीं है। जहां इंसान अपने अहम के आगे गलत और सही में फर्क ही नहीं कर पा रहा है। 
जो हास्य रस के उस महान की पंक्ति में खड़ा है जो खुद को महान समझता है जो कहता है कि:-

'मैं महान हू इस रोटी को तोड़ सकता हूं
अगर गुस्सा आये तो कागज को मोरड़ सकता हूंं'

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..