World Water Day 2024: पानी(Water) जिसकी कीमत अक्सर हमें तब समझ में आती है जब हमारे घर में किसी दिन नल नहीं आता है। तब हमें हर जगह पर उसकी कीमत समझ आती है। उस दिन हमें मालूम चलता है कि पानी हमारे जीवन (life) में कितना ज्यादा महत्व रखता है। जिसके बिना हमारे जीवन में कुछ भी सम्भव नहीं हैं।
अफसोस लेकिन उसके अगले दिन से ही हम पानी का उपयोग करते वक्त सारी चिंता भूल उसका दुरुपयोग करने लग जाते है। जहां घर की पानी की टंकी से लेकर, नल खुला छोड़ने तक का काम हम बड़ी ही शिद्दत के साथ करते है।
जब वहीं पानी हम गर्मी में किसी टैंकर से 300 से 500 रुपये में खरीदते है। तब हमें उस पानी की कीमत सबसे ज्यादा मालूम चलती है।
इसके बावजूद आज हमारी महत्ता हर गैर जरुरी चीजें में हैं केवल उस चीज को छोड़कर जिस की हमें सबसे ज्यादा महत्ता होनी चाहिए।
सीमित पानी के बीच
हम सब ये बचपन से पढ़ते आ रहे हैं कि पृथ्वी पर पीने का पानी केवल 3 प्रतिशत ही है । उसमें से 2.4 प्रतिशत ग्लेशियरों उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव में क जमा हुआ है। केवल 0.6 प्रतिशत ही पानी नादियों और तालाबों में उपलब्ध है। उसके बावजूद हम सब उस पानी का उसका दुरुपयोग कर रहे है। बिना ये सोचों की। इसके न होने पर हम सब का जीवन सम्भव नहीं है।
अलग विश्व युद्ध होगा पानी को लेकर
बता दें कि आज विश्व में ऐसे बहुत से देश है। जहां पर पानी को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है। जिसको लेकर हमारे देश की स्थिति भी कुछ ज्यादा ठीक नहीं है जहां दक्षिण भारत में काफी वक्त से कवेरी नदी को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक में विवाद है। जिनको लेकर खुद देश की कोर्ट को समझाइश करनी पड़ी है। इसके अलावा विश्व कुछ ऐसे देश भी है। जहां नये कपड़े खरीदना सस्ता उन्हें धोने के लिए पानी खरीदना मुश्किल है।
बढ़ती जनसंख्या बन गयी है मुश्किल
आज हमारे देश की सबसे प्रमुख समस्या कोई सी है। तो वो है तीव्र होती जनसंख्या वृद्धि। जहां देश के प्राकृतिक संसाधनों से लेकर देश की हालात को खराब कर रही है। जो बेरोगारी से लेकर न जाने कितनी सामाजिक, आर्थिक समस्या को पैदा कर रही है।
जहां बात पानी की आती है तो इस मामले में देश की स्थिति और भी ज्यादा विकट है। जहां जितनी संख्या उतना पानी की खपत है।
दूर होता सतत विकास का लक्ष्य
दूर होता सतत विकास का लक्ष्य
अभी हाल में एक रिपोर्ट आयी थी जिसमें ये साफ रुप से बताया गया है। कि कोरोना वायरस और जलवायु परिवर्तन से उपजी समस्याओं के चलते सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करना, अब 2030 में मुश्किल भरा होगा। जहां उसके 17 लक्ष्यों में से एक (life and water) भी है।
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