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Prices are often known when कीमतें अक्सर जब मालूम चलती है




जहां हम उसे खो देते है
समय हो या इंसान
जब हम उससे दूर होते है
कीमते अक्सर तब मालूम होती है
जब न चाहते हुए हम उसे कहीं दूर होते है।
अक्सर सामने पड़े समय को हम कम आंक
उसका मूल्य खोते है
जब दूर हो जाते है 
उसी समय से तब हम उसकी कीमत समझ पाते है।
इंसान तब ही समझ पाता है किसी चीज के बारे में
जब उसे डर उसके खोने का होता है
तराशने के बाद हर कोई हीरा होता है
समय हो या कोई इंसान
अक्सर उसे खोने के बाद ही हमें उसके होने का अहसास होता है।

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