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Number: क्या सिर्फ नंबर ही हमारे लिए सबकुछ है


हमें तब ज्यादा हैरान नहीं होना चाहिए। जब कोई बच्चा अपने अपरहण की झूठी खबर बना सबको मूर्ख बनाने की कोशिश करता है ∣ 
न ही उस बच्चे पर इतना ज्यादा गुस्सा होना चाहिए क्योंकि कहीं न कहीं उस सब के पीछे हम ही जिम्मेदार है ∣
जहां हमने उस बच्चे पर एग्जाम का इस तरह से बोझ डाला है कि वो इसे खुद के विकास के लिए जरूरी नहीं समझ केवल एक मजबूरी मान उसे करता है ∣ 
जब इस चीज से वो उबने  लगता है तब वो अपने अपहरण जैसी झूठी कहानी रच किसी एग्जाम से अपना पीछा छुटाता है ∣

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..