Skip to main content

Kalpana Chawla : कल्पना चावला जो अंतरिक्ष में उड़ान भरने की कल्पना पूरी कर गयी

  

 
Kalpana Chawla: Kalpana Chawla who fulfilled her dream of flying in space

Kalpana Chawla: सपने जो इंसान को जीना सिखाते है। वो वास्ताव में क्या है। इसका मतलब बताते है। जहां लोग क्या कहेंगे, इससे नहीं वो क्या चाहते है। इससे मतलब रख वो सपनों को सच कर पाते है। एक ऐसी ही कहानी है कल्पना चावला की है जो अपने नाम को परिभाषित कर अंतरिक्ष में उड़ान भरने का सपना पूरा कर गयी।

17 मार्च को हरियाण में जन्मी थी कल्पना

आज ही के दिन 17 मार्च 1962 को हरियाणा के करनाल में कल्पना का जन्म हुआ था।  

अंतरिक्ष में उड़ान भरना चाहती थी कल्पना

कल्पना चावला अपनी उम्र से ज्यादा समझदार थी। जो जीवन की असफलता से घबरने वालों में से नहीं, बल्कि उसका सामना कर आगे बढ़ने वालों में से थी। जो अपने काम के प्रति बहुत ज्यादा गंभीर थी। जिनका सपना अंतरिक्ष  में उड़ान भरने का था।

1995 में नासा के अंतरिक्ष कौर में शामिल हुयी

बता दें कि कल्पना चावला उस समय अपने सपने के एक करीब पहुंची। जब उनका चयन अमेरिकी अंतरिक्ष एंजेसी में नासा के 1995 के कौर ग्रुप में हुआ । वो 1997 के ग्रुप में पहली उड़ान के लिए चुनी गयी। कल्पना का पहला अंतरिक्ष मिशन 19 नवम्बर 1997 को शुरु हुआ। इसमें वो छह अंतरिक्ष यात्री दल के समूह में शामिल हुयी। जिसमें उनका सफर अंतरिक्ष शटल कोलंबिया की उड़ान एसटीएस-87 से शुरु हुआ।

राकेश शर्मा के बाद दूसरी भारतीय बनी

कल्पना चावला राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाली दूसरी भारतीय यात्री बनी। जो इतिहास के पन्नों में अपने पहली भारतीय महिला अंतरिक्ष यात्री के रुप में दर्ज हो गयी।

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..