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Say sorry to the World of Masks: मुखौटो की दुनिया से कहे का मलाल




आज का जमाना वो है ∣ जहां इंसान भले अपनी लाख झूठी तारीफ सुन ले। लेकिन सच सुनकर वो चौक उठता है ∣ क ई बार तो नौबत यहां तक की आ जाती है कि वो इंसान से दूर होने लगता है। 
आज जमाना झूठो का है ∣ जहां सच बोलने वाला अकेला मुखौटा लेकर चलने वाला ही होशियार कहलाता है ∣
जो कब अपना मन बदल ले किसी को कुछ पता नहीं लगता है । 
आज जमाना वो है जहां झूठ बिकता सच हर उस जगह दफनाया जाता है ∣ जहां बोलना जरूरी था। इसके बावजूद जो सच कहने और बिना किसी मुखौटे के दुनिया के सामने आ जाएं वो हर जगह से सिर्फ लूटा ही जाता है ∣ 
आज जमाना वो है जहां इंसान मुखौटे की आड़ में अपने हर उस स्वार्थ का पूरा कर लेता है ∣ जिसे वो अपने वास्तविक रूप में नहीं कर सकता है ∣ 
ऐसे में भला हम आज किस चीज का बुरा माने जहां हर चीज ही झूठ पर टिकी है ∣
जहां व्यक्ति के चेहरे के पीछे अनगिनत मुखौटे है । 
 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..