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जब तुम बाहर निकलना


जब तुम बाहर निकलना
तब ये सोचना बिल्कुल नहीं
कि सबकुछ आसान होगा
तुम्हें बिना मेहनत करें सबकुछ 
यू ही मिल जाने वाला होगा।
यहां होगा कई बार तुम्हारा खुद से सामना
जहां तुम्हें कई बार खुद को बनाएं रखने के लिए
संघर्ष की आग में चलते चलना होगा।

जब तुम बाहर निकलना तो ये मत सोचना
हर कोई अपना मिलेगा तुम्हें
कई बार अनजानों से भी तुम्हारा वास्ता होगा।
जिनको समझ तुम्हें आगे चलना होगा।

जिस रास्ते तुम चलने का विचार करोगें
कई बार वहां तुम्हें अकेले चलते रहना होगा
सबकुछ आसान नहीं होगा
इसके बावजूद कई बार तुम्हें चलते रहना जरुरी होगा।

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