उस विनाश के तुम जिम्मेदार होगें

काश हमें पर्यावरण वैसे पढ़ाया जाता 
जहां हमें उसके महत्व को बताया जाता 
उसके बिना हमारा नहीं कोई अस्तित्व
वो ही है हमारे जीवन की धार
काश हमें बताया जाता

पैसे तुम चाहे लाख कमा लो
पर अगर नहीं है तुम्हारे पास 
एक सुरक्षित वातावरण
 तो तुम हो
केवल एक पिंजरे में बंद
जहां तुम्हारे चारों तरफ है
केवल जहरीली गैसे का साया
ओजोन के होल को तुम भले भूल गए

पर ग्लोबल वर्मिग से कोई नहीं है बच पाया
चाहे जितने लक्ष्य बना ले
कितने कर ले समझौते
जब तक आम जन नहीं जागे 
तब तक है हर समझौते सिर्फ झूठे ।

सुरक्षित होगा कल अब तब
जब तुम आज जागों 
अपने वजूद को तुम असल में पहचानोगें।

सरकार को दोष मत दो
अपने कर्तव्य की तुम सुध लो
शिकायत करने से पहले
अपनी जिम्मेदारी तुम अपने सिर लो

वरना तुम होगें
भयानाक अवस्था में
जिसके जिम्मेदार केवल तुम होगें।


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