Skip to main content

पूनम पांडे की खबर के बीच न भूल जाना




कैंसर एक ऐसी लाइलाज बीमारी जिसके नाम से इंसान बहुत डरता है ∣ जो आता तो अकेला पर अपने साथ उस इंसान को ले जाता है ∣ पीछे छोड़ जाता है तो एक डर जो इंसान को कैंसर से नफरत करने को मजबूर कर देता है ∣ 
आज भी याद है जब हमारे स्कूल में एक लड़की को ब्लड कैसर के चलते स्कूल से घर अक्सर क्लास के बीच जाना पड़ता था। कुछ महीने ऐसे ही चलता रहा और एक दिन हम स्कूल पहुंचे ही थे कि स्कूल की छुट्टी कर दी गयी। 
बहुत लोगों से पूछने के बाद पता चला की जिस लड़की को ब्लड कैसर था उसकी आज मौत हो गयी है ∣ जिसके चलते स्कूल ने आज छुट्टी की है ∣
उस लड़की की मौत और कैंसर से जैसे हमारा पहला परिचय हुआ था। तब ज्यादा तो नहीं पर इतना समझ आया था कि कैंसर कोई छोटी मोटी बीमारी नहीं होती है ∣


वो दिन था और आज की दिन है जब कैंसर का नाम ही अपने साथ मौत की जैसे आहट लेकर आता है ∣ 
जिसको लेकर भले पूनम पांडे ने एक पब्लिसिटी  की हो किन्तु ये विषय इतना भी मजाक करने वाला नहीं है ∣ 
आज हमारे देश में कैंसर से होनी वाली मौत के आकंड़े में सामान्य से ज्यादा वृद्धि हो रही है जिसमें महिलाओं को होने वाला बेस्ट कैसर, और सवाईकल कैसर को मजाक में नहीं लिया जा सकता है ∣ जिससे बचने के लिए जरूरी है कि हम शर्म छोड़ अपनी सेहत को ध्यान रखें। नजरअंदाज करने की गलती न करें क्योंकि हर किसी को जिंदगी का जीने का दूसरा मौका दे ये बिल्कुल जरूरी नहीं है। 


Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..