जब वहां बोलना खत्म हो जाएं

 
कहते हैं शांति से बड़ा इस दुनिया में कोई सुख नहीं है। जहां हर कोई अपने जीवन में थोड़ा चैन चाहता है ∣ जिसके लिए वो दिन रात संघर्ष करता है ∣ जिससे उसे अच्छा जीवन मिल जाएं। 
इसके बावजूद जब वो वहां मौन धारण कर लेता है ∣ जहां बोलना जरूरी था। 
तब इंसान सबसे ज्यादा मजबूर दिखाई देता है ∣ जो जुबां होकर भी गूंगा रहता है ∣ 

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