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कौन थे शिवाजी, जिन्हें हम भूल गए




इस समय की  वि़डंबना कहें या भूल किन्तु सच तो यहीं है। कि आज भी हमारे पास किसी भी चीज के बारे में ज्ञान तो है लेकिन अधूरा है। इसके चलते न तो हम अपना वर्तमान बेहतर कर सकते है। न ही भूतकाल से सीख लेकर गलतियां करने से बच सकते है।

अब बात इतिहास की ही ले लो । जहां हमें मुगल शासनकाल के बारे में बाबर से लेकर औऱगजेब तक के बारे में पढ़ाया जाता है। किन्तु वहीं दूसरी तरफ हमारे अपने वीर शासकों के बारें में बिल्कुल संक्षित्त जानकारी दी गयी है। जिस कारण हम आधे सच को ही सही मान ले बैठे है। 

अब वक्त आ गए है इतिहास में गुम उन महान शख्सियतों के बारें में जानें  जिनके कारण आज हम एक अखंड भारत में बैठे सांस ले रहे है।
इसी कड़ी में आज हम छत्रपति शिवाजी के जीवन के बारें में कुछ अनछुए पहलुओं को जानेंगे।

 मराठा स्रामाज्य की स्थापना करने  वाले शिवाजी को जब हम याद करते है। तो हमें केवल उनका मुगल साम्राज्य के शासक औरंगजेब के साथ संघर्ष ही याद आता है। 

पर बहुत कम ही लोग ये जानते है कि छत्रपति शिवाजी ने 'गोरिल्ला युद्ध नीति' का आविष्कार किया था। इसके अलावा शिवाजी ने प्राचीन हिन्दू राजनीतिक प्रथाओं तथा दरबारी शिष्टाचारों को पुन जीर्वित किया। देवभाषा कहीं जाने वाली संस्कृत और मराठी को राजकाज की भाषा बनाया था। प्रशासन व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश की। 
पुर्तगाली जो उस समय भारत को अपना बनाने की हरसंभव कोशिश कर रहे थे शिवाजी ने उनसे कूटनीति के जरिए सम्बंध को स्थापित करने की कोशिश की। 

इसके अलावा वो एक बेहतरीन शासक थे। जो मुगल शासकों से लोहा लेने वाले वो वीर शासक रहें। जिनकी सराहना स्वयं उनके शत्रु औरंगजेब ने की थी।
देश ही नहीं विदेश में भी लोग उनके पराक्रम की प्रशंसा करते थकाते नहीं थे। जो किसी भी लड़ाई को पूरे जोश के साथ लड़ते थे। जिनका मानना था कि शत्रु को कभी कम नहीं आंकना चाहिए। बल्कि उसका सामना पूरे साहस के साथ करना चाहिए।
किसी काम को करते वक्त उसके बारें में विचार कर लेना चाहिए। वरना पीढ़िया हमें से यहीं सीखेंगी।

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..