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किसान तेरा अभी इम्तिहान बाकी है


खेत बिक चुका है खलिहान अभी बाकी है, बरसात बीत चुकी है गर्मी अभी बाकी है किसान तेरा अभी इम्तिहान बाकी है। 
यूं तो वो देश का अन्नदाता माना जाता है ∣ जिसके चलते हम दो वक्त की रोटी खा पाते हैं। पर उसे हम उस वक्त भूल जाते हैं। जब वो न्याय की तलाश में हम सब की ओर देख ये सोचता हैं कि हम उनका साथ देगें। 

तब हम उसे नजर अंदाज करने की कोशिश करते हैं । हमें लगता है कि हमने उसका कर्ज चुका दिया है ∣ अब हमें क्या  मतलब है ∣ 
ऐसा करते वक्त हम भूल जाते हैं कि हमारी थाली में जो रोटी ओर चावल मौजूद है वो उसके संघर्ष की बदौलत हैं। जिसे हम चाहकर भी पूरा नहीं कर सकते हैं। 
आज जब वो सड़कों पर खड़ा न्याय की मांग कर रहा है ∣ तब हमारा ये कर्तव्य बनता है कि अगर हम उसका साथ नहीं दे सकते हैं। तो कम से कम उसके खिलाफ कुछ ऐसा न बोले। जो मानवता को शर्मसार करें। 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..