महिला सशक्तिकरण का दूसरा नाम है 'सरोजिनी नायडू'



सरोजिनी नायडू भारत की एक ऐसी महिला रही है ∣ जिनका जीवन महिला सशक्तिकरण की असली कहानी पेश करता है ∣ 
जिन्होंने समाज की हर उस कुरीति को तोड़ने की कोशिश की । जो महिला की आज़ादी पर पाबंदी लगाती है ∣ उन्होंने ये सब उस समय किया। जब देश में महिला की स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी। 

जहां महिलाओं को शिक्षा से वंचित रखा जाता था। बाल विवाह उस समय की मूल परेशानी में से एक थी। ऐसे वक्त में सरोजिनी नायडू ने अपनी पढ़ाई की। खुद को हर तरह से सशक्त किया। 

राजनीति में अपनी भागीदारी की। स्वतंत्रता संग्राम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। गांधी के दिखाएं रास्ते पर चली। देश प्रेम की सुंदर अभिव्यक्ति अपनी कविताओं के जरिए की। जो भारत की महान कवयित्री में से एक थी जिस कारण उन्हें  ' नाइटिंगेल ऑफ इंडिया ' कहा जाता है।

अपने दृढ़ संकल्प, निर्भीकता और स्पष्ट विचारों के साथ उन्होंने हर उस भारतीय महिला को प्रेरणा देने की कोशिश की। जो अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही है ∣


Comments