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शादी को शादी रहने दो उसे






शादी एक पवित्र बंधन है। जो हर किसी के लिए बड़ा खास होता है। हो भी क्यों न यहीं वो चीज होती है जिसके बाद वो अपने जीवन को पूर्ण मनाता है। जिसमें दो अजनबी पास आते है जिसके साथ वो अपना गृहस्थ जीवन की शुरुआत करता है।
किन्तु जब उस बंधन को मलिन करने की कोशिश की जाने लगे तब प्रश्न करना जरुरी होता  है?
जहां आज हमारे चारों तरफ ऐसे लोग ये कहते मिल जाएंगे कि शादी मतलब बर्बादी।
जो उनके लिए सिर्फ एक मजाक हो सकता है किन्तु आज के  समय में ये हमारे लिए वास्तव में एक बर्बादी से ज्यादा कुछ नहीं रह गया है।
जहां एक साधारण शादी का मतलब 10 से 15 लाख का खर्च है जो उसे न चाहते हुए भी करना पड़ता है। जहां उस पर दबाब अपने परिवार की नाक रखना होता है।
जिसके लिए न चाहते हुए उसे कर्ज के जाल में फंसना होता है । शादी तो हो जाती है कुछ दिनों में किन्तु उसके ऊपर किया गया खर्च लड़की के पिता को अपना सबकुछ गिरवी रख चुकाना होता है।
इसमें जो सबसे ज्यादा शहीद होती है वो बेटी है जो इस शादी और दहेज के चक्कर में केवल अपने माता पिता के सिर का दर्द बन जाती है। जिसके चलते वो न चाहते हुए बोझ बन जाती है। जिसे बहु बनकर हर कोई लाना चाहता है। पर बेटी बनाकर अपने घर में पालना कोई नहीं चाहता है।
यहीं कारण है कि आज उनकी भू्र्ण हत्या के मामले लगातार बढ़ रहे है। जहां पढ़े लिखों की पहली पसंद बेटा है।

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खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

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