अपने आदर्शों को पूरा करने के लिए




सच कहने और उससे लड़ने के लिए हमें जीवन में अक्सर मजबूती चाहिए होती है। जो हमें हमारे आदर्शों पर चलने में मदद करें।

जो हर तरह से होती है शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आर्थिक । जिसको अर्जित करने के लिए हमें अपने विचारों और कर्म में मजबूती लानी होती है।



" जिन आदर्शों को पूरा करने के लिए ठोस बुनियाद का होना जरूरी होता है "

जो उसे अपने जीवन के सही फैसले लेने में मदद करें। उसका आत्मविश्वास बनाएं रखें। जिससे वो अन्याय के खिलाफ लड़ सके। 

आज के समय में कोई इंसान केवल तब ही किसी का अत्याचार सहन करता है ∣ जब वो खुद को बेबस मानता है। 

इन सब से केवल तब ही बचा जा सकता है ∣ जब वो इंसान अपने लिए एक तरह की पुष्ठ भूमि तैयार रखें । जो उसे मजबूती प्रदान करें। 

इसके लिए इंसान को खुद पर अथक मेहनत करनी पड़ती है ∣ खुद को बेहतर बनाने के लिए एक संघर्ष करना पड़ता है ∣ जिससे वो इतना लायक हो जाएं कि जिन नियम को वो सही समझ रहा है उनकी राह पर वो चल सके। 

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