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क्या वाकई आज अंधा कानून है


आज भी जब हम कोर्ट के नाम का जिक्र करते है। तब हमारी आंखों के सामने सबसे पहले जिसकी तस्वीर आती है। वो हाथ में तराजू लिए एक महिला की होती है। जिसकी आंखों में पट्टी बंधी रहती है जिसका मतलब है कि न्याय के समक्ष सब समान है जिसमें  कोई विशेष नहीं है । 

इसके बावजूद क्या आज न्याय सबको समान रुप से मिलता है?

जहां गलत और सही पद और पैसा देखकर ठहराया जाता  है। न्याय की आश में कितने बुगुनाह लोगों की जान ऐसे ही निकल जाती है। जहां गरीब के साथ न्याय न्याय नहीं जबकि अमीरों के साथ जरा सी भूल होने पर उनको न्याय देने की जल्दी की जाती है।

 जहां अगर किसी लड़की के साथ कुछ गलत हो जाएं। तो उसे अपराधी का एक जु्र्म साबित करने में सालों लग जाते है। वहीं एक अपराधी को अपराध से मुक्त में होने में जरा सा भी वक्त नहीं लगता है।

जिसके चलते वो अपराधी तो मुक्त हो जाता है। जबकि जिस लड़की के साथ ये गलत काम हुआ उसकी पूरी जिंदगी खराब हो जाती है। जिसकी पूरी जिंदगी एक शहर से दूसरा शहर बदलने में निकल जाती है।
 जिसके चलते है ये कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होता है कि ये अंधा कानून है जहां एक अपराधी को जेल से रिहाई जल्दी और अपराध साबित करने में सालों का वक्त लग जाता है।

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..