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संघर्ष और जुनून की कहानी है 12 फेल मूवी




एक तरफ आज लोग अधिक पैसा कमाने के लिए 9 घंटे काम कर रहे है। वहीं दूसरी तरफ एक निश्चित नौकारी की चाह  में देश की आधी युवा पीढ़ी सरकारी नौकारी की तैयारी में लगी हुई है। जो सही है या गलत ये वाद विवाद का प्रश्न हो सकता है।

किन्तु इतना तो निश्चित है कि आज भी हमारे देश में अदृश्य बेरोजगार इस सरकारी नौकारी की तैयारी में अपनी जवानी लगा रहे है । जिनमें से बहुत थोड़े युवा का सिलेक्शन देश के किसी भी सरकारी नौकारी में होना है।

इसी तैयारी और संघर्ष को 12 फेल मूवी हमें दिखाती है। जो देश के सबसे बड़े एग्जाम यूपीएससी से हमारा परिचय करती है।

जो एक सच्ची घटना  पर आधारित है। जिसमें हम  चम्बल के मनोज नामक युवक की कहानी को देखते है। जो किसी तरह से 12 वीं पास करना चाहता है। 
ऐसे में जब एक हिन्दी मीडियम का छात्र  अंग्रेजी माध्यम वालों के बीच जाता है तो उसकी दशा और दिशा किस तरफ जाती है ये मूवी की कहानी में हम देखते है। जो यूपीएससी की रेखा कैसे पार कर पाता है। ये मूवी में देखना काफी दिलचस्प होता है। 

ये मूवी हमें सफलता और असफलता के फर्क को बताती है। जहां अक्सर लाख परेशानी के बीच एक वजह भरी पड़ जाती है। जो असफलता से सफलता की ओर ले जाती है। हम सब के मन में कुछ पाने की आग सी लगती है।

इसकी कहानी भी संघर्ष की पराकाष्ठा को बताती है। मूवी का हर किरदार  उसमें जीता नजर आता है। श्रद्धा और मनोज की प्रेम कहानी दर्शकों के बीच प्यार की एक नयी परिभाषा लाती है।

 इसके डॉयलाग कहीं दर्शकों को भावुक करते नजर आते है। तो वहीं स्किप्ट की स्पष्टता मूवी को दमदारा करती है। इसमें  कैमरे का उपयोग बड़ा सटीक लगता है। जो कभी हमारी आंखे तो कभी हमारे कान बन जाता है।
अगर आप कुछ नया खोज रहे है जो आपके अपने जीवन में कुछ बेहतर करने की सीख दें। एक विश्वास दें खुद के प्रति कुछ जोखिम लेने का। तब आपको ये मूवी देखनी चाहिए।

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..