इस 'अंत - आरंभ' के बीच इंसान का जीवन होता है ∣ जो इंसान को समय के साथ बदलता रहता है ∣
किसी भी चीज का 'सृजन' एक जटिल प्रक्रिया होता है ∣ जिसके बीच इंसान का बहुत कुछ दावा पर लगा हुआ होता है।
किसी भी चीज के अंत तक पहुँचने के लिए इंसान को अपनी बहुत सी प्राथमिकता को तय करना पड़ता है ∣
कई बार ना चाहते हुए भी किसी चीज के परिणाम के लिए अपनी बहुत सी चीजों को छोड़ना पड़ता है ∣
आसान नहीं होता है किसी चीज को आरंभ से अंत तक की यात्रा करना जिसके बीच इंसान को अपना सुख चैन न्यौछावर करना होता है ∣

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