जब तुम आगे बढ़ोगेकई बार तुम अकेले खड़े होगेंएक एक कर सबको पीछे छोड़तब तुम आगे बढ़ोगे।आसान नहीं होगाउस जगह पर जाने के लिएकई बार उत्साह रखनासब हारा हुआ तुम महसूस करोंगे।ऐसा नहीं है कि तुम थोड़े ही संघर्ष सेसफलता का परचम लहरा दोगेंकई बार तुम मुंह के बल गिरोगे ंइसके बावजूद जब तुम आगे चलोगेंतब तुम जय पराजय के फर्कको स्पष्ट समझोगे ं।
कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है। आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो।

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