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हाँ दर्द ही कितना होता है




हाँ दर्द ही कितना होता है 
महज कुछ शरीर की हड्डी टूटने जैसा
सिर्फ आराम ही तो करती है वो‌
महीने के उन दिनों में
उन्हें आराम की क्या जरूरत है। 
एसी वाले कमरे में बैठकर ये बात कहना
 बड़ा आसान और एक मिडिया क्लास
 महिला बनकर इसे जूझना उतना कठिन है । 
जहां गाँव क्या शहर तक में
पैड जैसे शब्द को बोलने की मनाही है 
उसे आराम क्या थोड़ा सुकून मिल जाएं
ये भी उसके लिए बड़ी बात है। 
फिर भी हम यहीं कहते हैं बहाने देखों
 इनके लड़की है तो ज्यादा ही स्पेशल 
बनने की कोशिश करती है उन्हें कौन समझाएं 
 जिन्हें सबसे खास मना जाता है 
वहीं सबसे ज्यादा अवहेलना का शिकार होती है। 

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